📚 Subject: विज्ञान (Science)
📝 Chapter: 9 – घर्षण (Friction)
Bihar Board Class 8 Science Chapter 9 – घर्षण
📘 पाठ का परिचय: घर्षण क्या है?
आपने अक्सर देखा होगा कि ट्रैफिक सिग्नल पर वाहन चालक ब्रेक लगाने पर अपने वाहन को मंद (धीमा) कर लेते हैं। इसी तरह, जब भी आवश्यक होता है, आप भी ब्रेक लगाकर अपनी साइकिल को मंद करते हैं। फर्श पर लुढ़कती हुई गेंद कुछ समय पश्चात् अपने आप रुक जाती है। केले के छिलके पर कदम पड़ते ही हम फिसल जाते हैं और किसी चिकने तथा गीले फर्श पर चलना कठिन होता है!
ऐसा क्यों होता है? कोई भी वस्तु जो किसी अन्य वस्तु के पृष्ठ (Surface) पर गति कर रही होती है, उस स्थिति में भी मंद हो जाती है जब उस पर कोई बाहरी बल न लगाया हो। अंततः वह रुक जाती है। इस गति का विरोध करने वाले अदृश्य बल को ही घर्षण बल (Force of Friction) कहा जाता है ।
📘 9.1 घर्षण बल (Force of Friction)
घर्षण पुस्तक तथा फर्श के पृष्ठों की सापेक्ष गति का विरोध करता है।
क्रियाकलाप 9.1 का निष्कर्ष: यदि आप किसी पुस्तक को बाईं दिशा में बल लगाते हैं तो घर्षण दाईं दिशा में कार्य करता है। यदि आप दाईं दिशा में बल लगाते हैं तो घर्षण बाईं दिशा में कार्य करता है।
इन दोनों ही स्थितियों में घर्षण पुस्तक की गति का विरोध करता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि घर्षण बल सदैव ही लगाए गए बल का विरोध करता है।
चित्र 9.2 : घर्षण पुस्तक तथा फर्श के पृष्ठों की सापेक्ष गति का विरोध करता है।
📘 9.2 घर्षण को प्रभावित करने वाले कारक
क्या सभी पृष्ठों पर समान घर्षण बल लगता है? नहीं। घर्षण मुख्य रूप से पृष्ठों के चिकनेपन या खुरदरेपन (Roughness) पर निर्भर करता है 。
पृष्ठीय अनियमितताएँ (Surface Irregularities)
घर्षण सम्पर्क में आने वाले दो पृष्ठों की अनियमितताओं के कारण होता है। ऐसे पृष्ठ जो देखने में बहुत चिकने लगते हैं, उनमें भी बहुत सारी सूक्ष्म अनियमितताएँ होती हैं।
- दो पृष्ठों की अनियमितताएँ एक-दूसरे के भीतर धँस जाती हैं जिसे अन्तःबंधन (interlocking) कहते हैं।
- जब हम एक पृष्ठ पर दूसरे पृष्ठ को गति कराने का प्रयास करते हैं तो हमें इस अन्तःबंधन पर पार पाने के लिए कुछ बल लगाना पड़ता है।
- खुरदरे (रूक्ष) पृष्ठों पर ये अनियमितताएँ अधिक संख्या में होती हैं। अतः यदि पृष्ठ रूक्ष हो तो घर्षण बल अधिक होता है।
चित्र: चित्र 9.5 : पृष्ठीय अनियमितताएँ (मेज और पुस्तक के पृष्ठ)।
स्थैतिक घर्षण (Static Friction) और सर्पी घर्षण (Sliding Friction)
यदि पृष्ठों को बलपूर्वक दबाएँ तो घर्षण में वृद्धि हो जाएगी। इसका अनुभव आप किसी चटाई को उस समय खींचकर कर सकते हैं जब उस पर कोई व्यक्ति बैठा हो।
- स्थैतिक घर्षण: किसी रुकी हुई वस्तु को विराम से गति प्रारम्भ करने की स्थिति में घर्षण पर पार पाने के लिए वस्तु पर लगाया जाने वाला बल स्थैतिक घर्षण की माप होती है।
- सर्पी घर्षण: किसी वस्तु को उसी चाल से गतिशील रखने के लिए आवश्यक बल उसके सर्पी घर्षण की माप होती है।
सर्पी घर्षण, स्थैतिक घर्षण से कम क्यों होता है?
जब कोई बॉक्स सरकना आरम्भ कर देता है, तो उसके पृष्ठ के सम्पर्क बिन्दुओं को उतना समय नहीं मिल पाता कि वे फर्श के संपर्क बिन्दुओं में धँस सकें। अतः सर्पी घर्षण स्थैतिक घर्षण से कुछ कम होता है। इसीलिए किसी बॉक्स में गति आरम्भ करने की अपेक्षा पहले से ही गतिमान बॉक्स की गति बनाए रखना सरल होता है。
📘 9.3 घर्षण: हानिकारक परंतु अनिवार्य
घर्षण के बिना कई कार्य असंभव हैं। यदि घर्षण न हो तो:
- हम पेन या पेंसिल से नहीं लिख सकते।
- हम दीवार में कील नहीं ठोंक सकते।
- धागे में गाँठ नहीं बाँध सकते।
- कोई भवन निर्माण नहीं हो सकता।
- सड़क और वाहन के टायरों के बीच घर्षण न हो तो वाहन न चल सकते हैं, न रुक सकते हैं और न ही दिशा बदल सकते हैं।
इसके विपरीत, घर्षण हानिकारक भी है। घर्षण के कारण वस्तुएँ घिस जाती हैं, चाहे वह पेंच, बॉल बेयरिंग या जूतों के सोल हों। घर्षण से ऊष्मा (गर्मी) भी उत्पन्न होती है, जैसे हथेलियों को रगड़ने पर या माचिस की तीली को खुरदरे पृष्ठ पर रगड़ने पर। मशीनों में घर्षण से उत्पन्न ऊष्मा के कारण अत्यधिक ऊर्जा नष्ट हो जाती है।
📘 9.4 घर्षण बढ़ाना तथा घटाना
कुछ परिस्थितियों में घर्षण वांछनीय (जरूरी) होता है, इसलिए इसे बढ़ाया जाता है:
- जूतों की तलियाँ और टायरों के खाँचे: जूतों की तली और वाहनों (कारों, ट्रकों, बुलडोजरों) के टायर खाँचेदार (treaded) बनाए जाते हैं ताकि फर्श या सड़क से उनकी पकड़ अच्छी बने और हम सुरक्षित रहें।
- ब्रेक पैड: स्वचालित वाहनों और साइकिलों की ब्रेक प्रणालियों में ब्रेक पैडों का उपयोग करके जानबूझकर घर्षण में वृद्धि की जाती है।
- खिलाड़ियों द्वारा मिट्टी/पाउडर का उपयोग: कबड्डी के खिलाड़ी अपने हाथों पर मिट्टी रगड़ते हैं ताकि वे अपने प्रतिद्वंद्वी को अच्छी तरह पकड़ सकें। जिमनास्ट (व्यायामी) अपने हाथों पर कोई रूक्ष पदार्थ लगा लेते हैं ताकि घर्षण में वृद्धि करके अच्छी पकड़ बना सकें।
📘 घर्षण कम करना (स्नेहक)
कुछ स्थितियों में घर्षण अवांछनीय होता है, अतः उसे कम करना पड़ता है:
- कैरम बोर्ड पर महीन पाउडर छिड़कना।
- दरवाजों के कब्जों (चूलों) में तेल की कुछ बूँदें डालना।
- साइकिल और मोटर के मैकेनिक द्वारा मशीनों के गतिशील भागों के बीच ग्रीज़ (grease) लगाना।
जब तेल, ग्रीज़ या ग्रेफाइट को किसी मशीन के गतिशील पुर्जों के बीच लगाते हैं, तो वहाँ इनकी एक पतली परत बन जाती है और गतिशील पृष्ठ सीधे एक-दूसरे को रगड़ नहीं पाते। इस प्रकार अनियमितताओं का अंतःबंधन काफी सीमा तक दूर हो जाता है और गति सहज बन जाती है।
घर्षण कम करने वाले पदार्थों को स्नेहक (Lubricants) कहते हैं। कुछ मशीनों में स्नेहक के रूप में तेल का उपयोग न करने की सलाह दी जाती है, वहाँ घर्षण कम करने के लिए गतिशील पुर्जों के बीच वायु की गद्दी (air cushion) का उपयोग किया जाता है।
📘 9.5 पहिए घर्षण कम कर देते हैं (लोटनिक घर्षण)
अटैचियों और भारी सामानों पर रोलर (पहिए) जड़े होते हैं, जिससे कोई छोटा बच्चा भी उन्हें आसानी से खींच सकता है।
जब एक वस्तु किसी दूसरी वस्तु के पृष्ठ पर लुढ़कती है, तो उसकी गति के प्रतिरोध को लोटनिक घर्षण (Rolling Friction) कहते हैं। लोटन घर्षण कम कर देता है। किसी वस्तु को दूसरी वस्तु पर सरकने की तुलना में लोटन करना सदैव आसान होता है।
चूँकि लोटनिक घर्षण सर्पी घर्षण से कम होता है, इसलिए अधिकांश मशीनों में सर्पण को बॉल बेयरिंग (Ball Bearing) के उपयोग द्वारा लोटन में प्रतिस्थापित किया जाता है। छत के पंखों तथा साइकिलों में धुरी (axle) तथा नाभि (hub) के बीच बॉल बेयरिंग का उपयोग इसके सामान्य उदाहरण हैं।
📘 9.6 तरल घर्षण (Fluid Friction)
वायु अत्यंत हल्की और विरल होती है, फिर भी इससे होकर गति करने वाली वस्तुओं पर वायु घर्षण बल लगाती है। इसी प्रकार जल तथा अन्य द्रव भी गति करने वाली वस्तुओं पर घर्षण बल लगाते हैं। विज्ञान में गैसों तथा द्रवों को एक ही नाम ‘तरल (Fluid)‘ दिया गया है। अतः तरल इनसे होकर गति करने वाली वस्तुओं पर घर्षण बल लगाते हैं।
तरलों द्वारा लगाए गए घर्षण बल को कर्षण (Drag) भी कहते हैं। किसी तरल पर लगने वाला घर्षण बल उसकी तरल के सापेक्ष गति पर निर्भर करता है। यह वस्तु की आकृति तथा तरल की प्रकृति पर भी निर्भर करता है।
जब वस्तुएँ किसी तरल में गति करती हैं तो उन्हें उन पर लगे घर्षण बल पर पार पाना होता है, जिससे उनकी ऊर्जा का क्षय (नुकसान) होता है। अतः घर्षण को कम करने के लिए वस्तुओं को विशिष्ट आकृतियाँ दी जाती हैं। ये आकृतियाँ प्रकृति से प्रेरित होती हैं, जैसे पक्षी और मछलियाँ। हवाई जहाज की आकृति पक्षी के समान बनाई जाती है ताकि तरल घर्षण कम हो जाए।
📘Bihar Board Class 8 Science Chapter 9 – अभ्यास (NCERT Textbook Questions)
उत्तर:
- घर्षण एक दूसरे के सम्पर्क में रखी दो वस्तुओं के पृष्ठों के बीच सापेक्ष गति का विरोध करता है।
- घर्षण पृष्ठों के चिकनेपन (प्रकृति) पर निर्भर करता है।
- घर्षण से ऊष्मा उत्पन्न होती है।
- कैरम बोर्ड पर पाउडर छिड़कने से घर्षण कम हो जाता है।
- सर्पी घर्षण स्थैतिक घर्षण से कम होता है।
(क) लोटनिक, स्थैतिक, सर्पी
(ख) लोटनिक, सर्पी, स्थैतिक
(ग) स्थैतिक, सर्पी, लोटनिक
(घ) सर्पी, स्थैतिक, लोटनिक
उत्तर: (ग) स्थैतिक, सर्पी, लोटनिक
(क) संगमरमर का गीला फर्श, संगमरमर का सूखा फर्श, समाचारपत्र, तौलिया
(ख) समाचारपत्र, तौलिया, संगमरमर का सूखा फर्श, संगमरमर का गीला फर्श
(ग) तौलिया, समाचारपत्र, संगमरमर का सूखा फर्श, संगमरमर का गीला फर्श
(घ) संगमरमर का गीला फर्श, संगमरमर का सूखा फर्श, तौलिया, समाचारपत्र
उत्तर: (क) संगमरमर का गीला फर्श, संगमरमर का सूखा फर्श, समाचारपत्र, तौलिया
उत्तर: घर्षण बल हमेशा गति की विपरीत दिशा में कार्य करता है। चूँकि पुस्तक नीचे की ओर सरक रही है, इसलिए घर्षण बल ऊपर की ओर (मेज के झुकाव के विपरीत दिशा में) लगेगा।
उत्तर: इस गीले फर्श पर चलना कठिन होगा। साबुन का पानी एक स्नेहक (lubricant) का कार्य करता है, जो फर्श की अनियमितताओं को भर देता है। इससे पैरों और फर्श के बीच का घर्षण बल बहुत कम हो जाता है, जिससे फिसलने का खतरा बढ़ जाता है।
उत्तर: खिलाड़ी कीलदार जूते (स्पाइक्स) इसलिए पहनते हैं ताकि जूतों और जमीन के बीच घर्षण बल बढ़ सके। स्पाइक्स जमीन में धँसकर एक मजबूत पकड़ (grip) बनाते हैं, जिससे खिलाड़ी दौड़ते समय फिसलते नहीं हैं और उनका संतुलन बना रहता है।
उत्तर: सीमा अधिक घर्षण बल अनुभव करेगी। घर्षण बल इस बात पर निर्भर करता है कि दो पृष्ठ एक-दूसरे को कितने बलपूर्वक दबाते हैं। भारी पेटिका का वजन अधिक होने के कारण वह फर्श को अधिक बल से दबाएगी, जिससे पृष्ठों की अनियमितताओं का अंतःबंधन (interlocking) मजबूत हो जाएगा और घर्षण बल बढ़ जाएगा।
उत्तर: जब कोई वस्तु विराम अवस्था में होती है, तो उसके पृष्ठ की अनियमितताएँ सतह की अनियमितताओं में अच्छी तरह धँस जाती हैं (स्थैतिक घर्षण)। लेकिन जब वस्तु सरकना (गति करना) आरंभ कर देती है, तो उसके पृष्ठ के संपर्क बिंदुओं को इतना समय नहीं मिल पाता कि वे फर्श के संपर्क बिंदुओं में धँस सकें। अंतःबंधन कमजोर होने के कारण सर्पी घर्षण, स्थैतिक घर्षण से कम होता है।
उत्तर: घर्षण के लाभ और हानियाँ दोनों हैं, इसलिए इसे मित्र और शत्रु दोनों कहा जाता है:
घर्षण मित्र है क्योंकि:
- यह हमें जमीन पर चलने में मदद करता है।
- पेन या पेंसिल से कागज पर लिखना घर्षण के कारण ही संभव है।
- वाहनों में ब्रेक लगाकर उन्हें रोकना घर्षण के कारण ही होता है।
- दीवार में कील ठोंकना और धागे में गाँठ बाँधना इसी से संभव है।
घर्षण शत्रु है क्योंकि:
- इसके कारण मशीनों के पुर्जे, जूतों के सोल और टायर घिस जाते हैं।
- मशीनों में घर्षण के कारण ऊष्मा उत्पन्न होती है, जिससे अत्यधिक ऊर्जा नष्ट होती है।
- भारी वस्तुओं को खिसकाना कठिन हो जाता है।
उत्तर: जब वस्तुएँ किसी तरल (गैस या द्रव) में गति करती हैं, तो तरल उन पर कर्षण (घर्षण बल) लगाता है। इस घर्षण पर पार पाने में वस्तु की ऊर्जा का क्षय (नुकसान) होता है। ऊर्जा के क्षय को कम करने और तरल घर्षण को न्यूनतम करने के लिए वस्तुओं (जैसे हवाई जहाज, रॉकेट, नाव, पनडुब्बी) को विशेष ‘धारारेखीय’ (streamlined) आकृति दी जाती है। यह आकृति प्रकृति में पक्षियों और मछलियों की आकृति से प्रेरित होती है।
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Suraj Kumar Mishra