📚 Subject: Science (विज्ञान)
📝 Chapter: 9
🏷️ Chapter Title: गति एवं समय (Motion and Time)
Bihar Board Class 7 Science Chapter 9 Solutions: गति एवं समय
प्रिय छात्रों और शिक्षकों, BSEBHub पर आपका स्वागत है! इस लेख में हम Bihar Board Class 7 Science Chapter 9 Solutions के अंतर्गत “गति एवं समय” (Motion and Time) अध्याय का गहराई से अध्ययन करेंगे। यह लेख विशेष रूप से NCERT और बिहार बोर्ड के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया है।
इस अध्याय में हम विभिन्न प्रकार की गतियों, चाल (Speed), समय के मापन (Measurement of Time) और दूरी-समय ग्राफ़ (Distance-Time Graph) को सरल हिंदी में समझेंगे।
📘 गतियों के प्रकार (Types of Motion)
कक्षा 6 में आपने विभिन्न प्रकार की गतियों के बारे में पढ़ा था। किसी वस्तु की गति किसी सरल रेखा के अनुदिश, वर्तुल (वृत्ताकार) अथवा आवर्ती हो सकती है।
नीचे दी गई सारणी में गतियों के कुछ सामान्य उदाहरण दिए गए हैं, आइए उनकी गति का प्रकार पहचानें:
| गति का उदाहरण | गति का प्रकार (सरल रेखा के अनुदिश/वर्तुल/आवर्ती) |
|---|---|
| मार्च पास्ट करते सैनिक | सरल रेखा के अनुदिश |
| सीधी सड़क पर चलती बैलगाड़ी | सरल रेखा के अनुदिश |
| दौड़ते धावक के हाथों की गति | आवर्ती गति |
| चलती साइकिल के पेडल की गति | वर्तुल गति |
| सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की गति | वर्तुल गति |
| झूले की गति | आवर्ती गति |
| लोलक की गति | आवर्ती गति |
📘 9.1 मंद अथवा तीव्र (Slow or Fast)
यह हमारा सामान्य अनुभव है कि कुछ वस्तुओं की गति मंद होती है, जबकि कुछ अन्य वस्तुओं की गति तीव्र होती है। हम जानते हैं कि कुछ वाहन अन्य वाहनों की तुलना में अधिक तीव्र गति करते हैं। यहाँ तक कि एक ही वाहन विभिन्न समयों पर तीव्र अथवा मंद गति करता है।
उदाहरण के लिए, यदि आप बस के चलते ही अपनी साइकिल के पैडल मारने लगते हैं, तो 5 मिनट के पश्चात् आपके द्वारा चली गई दूरी, बस द्वारा चली गई दूरी से काफ़ी कम होगी। प्रायः हम कहते हैं कि तीव्र चलने वाले वाहनों की चाल अधिक होती है। 100 मीटर दौड़ में, जो धावक दूरी तय करने में सबसे कम समय लेता है, उसकी चाल अधिकतम होती है।
📘 9.2 चाल (Speed)
अधिक चाल से यह संकेत मिलता है कि किसी दी गई दूरी को कम समय में तय किया गया है अथवा किसी दिए गए समय में अधिक दूरी तय की गई है।
जब हम यह कहते हैं कि कोई कार 50 किलोमीटर प्रति घंटा की चाल से गति करती है, तो इससे यह ज्ञात होता है कि वह कार एक घंटे में 50 किलोमीटर दूरी तय करेगी। वास्तव में, कोई कार बिरले ही एक घंटे तक नियत चाल (समान गति) से चलती है। वह धीमी चाल से गति आरंभ करके फिर अपनी चाल बढ़ाती है। अतः, जो चाल हम परिकलित करते हैं, वह कार की औसत चाल (Average Speed) होती है।
📘 चाल का सूत्र (Formula of Speed)
हम ‘तय की गई कुल दूरी’ को ‘लिए गए कुल समय’ से विभाजित करके चाल प्राप्त करते हैं। गणितीय रूप में इसे इस प्रकार लिखा जाता है:
- असमान गति (Non-uniform Motion): यदि किसी सरल रेखा के अनुदिश गति करने वाली वस्तु की चाल परिवर्तित होती रहती है, तो उस वस्तु की चाल असमान कही जाती है।
- एकसमान गति (Uniform Motion): किसी सरल रेखा के अनुदिश वस्तु की नियत चाल से गति एकसमान गति कहलाती है। इस स्थिति में औसत चाल वही है, जो वास्तविक चाल है।
📘 9.3 समय की माप (Measurement of Time)
समय की माप से हमारा तात्पर्य काल-अंतराल (Time Interval) की माप से है। यदि आपके पास घड़ी नहीं है, तो आप कैसे निश्चित करेंगे कि अब क्या समय हुआ है? हमारे पूर्वजों ने देखा कि प्रकृति में बहुत-सी घटनाएँ, निश्चित अंतरालों के पश्चात् स्वयं दोहराती हैं।
- एक दिन: एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय के बीच के समय को एक दिन कहा गया।
- एक माह (महीना): एक अमावस्या (नवचंद्र) से अगली अमावस्या के बीच के समय की माप माह के रूप में की गई।
- एक वर्ष: जितने समय में पृथ्वी, सूर्य की एक परिक्रमा पूरी करती है, उसे एक वर्ष कहा गया।
प्रायः हमें एक दिन से काफ़ी छोटे समय अंतरालों को मापने की आवश्यकता पड़ती है। समय मापने की सबसे सामान्य युक्ति घड़ियाँ ही हैं (जैसे दीवार घड़ी, मेज घड़ी और डिजिटल घड़ी)। घड़ियों की कार्यविधि काफ़ी जटिल होती है, परंतु सभी घड़ियों में आवर्ती गति (Periodic Motion) का उपयोग किया जाता है। आवर्ती गति का एक चिरपरिचित उदाहरण सरल लोलक है।
धातु के छोटे गोले अथवा पत्थर के टुकड़े को किसी दृढ़ स्टैण्ड से धागे द्वारा निलंबित करके सरल लोलक बनाया जाता है। धातु के गोले को लोलक का गोलक (Bob) कहते हैं।
चित्र 9.4: एक सरल लोलक और दोलन करते हुए उसके गोलक की विभिन्न स्थितियाँ
दोलन और आवर्तकाल: जब लोलक का गोलक अपनी माध्य स्थिति (Mean position) ‘O’ से आरंभ करके चरम स्थिति ‘A’ तक, फिर ‘A’ से ‘B’ एवं ‘B’ से वापस ‘O’ पर आता है, तो यह कहा जाता है कि लोलक ने एक दोलन (One Oscillation) पूरा कर लिया है। सरल लोलक एक दोलन पूरा करने में जितना समय लगाता है, उसे सरल लोलक का आवर्तकाल (Time Period) कहते हैं।
आजकल अधिकांश घड़ियों में एक या दो सेलों वाले विद्युत परिपथ होते हैं। इन घड़ियों को क्वार्ट्ज़ घड़ी (Quartz clock) कहते हैं। इनके द्वारा मापा गया समय अधिक यथार्थ (Accurate) होता है।
📘 समय तथा चाल के मात्रक (Units of Time and Speed)
समय का मूल मात्रक सेकंड (s) है। समय के बड़े मात्रक मिनट (min) तथा घंटा (h) हैं।
जब लोलक वाली घड़ियाँ प्रचलित नहीं थीं, तब संसार के विभिन्न भागों में समय मापन के लिए धूपघड़ी (Sundial), जल-घड़ी (Water clock) और रेत-घड़ी (Sand clock) जैसी युक्तियों का उपयोग किया जाता था। जंतर-मंतर (नई दिल्ली) की धूपघड़ी इसका एक प्रसिद्ध उदाहरण है।
📘 9.4 चाल मापना (Measuring Speed)
यदि आपको किसी वस्तु की चाल ज्ञात हो जाए, तो आप दिए गए समय में उसके द्वारा चली गई दूरी ज्ञात कर सकते हैं। इसके लिए आपको चाल को समय से गुणा करना होगा:
चली गई दूरी = चाल × समय
इसी प्रकार, आप यह भी ज्ञात कर सकते हैं कि दी गई चाल से चलने वाली कोई वस्तु किसी दूरी को कितने समय में तय करेगी:
लिया गया समय = दूरी / चाल
- चालमापी (Speedometer): वाहनों के डैशबोर्ड पर लगा यह मीटर सीधे ही किलोमीटर प्रति घंटा (km/h) में वाहन की चाल मापता है।
- पथमापी (Odometer): यह मीटर वाहन द्वारा तय की गई कुल दूरी (Distance traveled) को मापता है।
📘 9.5 दूरी-समय ग्राफ़ (Distance-Time Graph)
समाचार पत्र, पत्रिकाएँ आदि सूचनाओं को रोचक बनाने के लिए उन्हें विभिन्न प्रकार के ग्राफ़ों के रूप में प्रस्तुत करती हैं। ग्राफ़ मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं:
- स्तंभग्राफ़ (Bar Graph)
- वृत्तारेख या पाई चित्र (Pie Chart)
- रेखाग्राफ़ (Line Graph)
गति को दर्शाने के लिए सामान्यतया रेखाग्राफ़ का उपयोग किया जाता है, जिसे दूरी-समय ग्राफ़ कहते हैं।
- ग्राफ़ पेपर पर एक-दूसरे के लंबवत् दो रेखाएँ खींचिए। क्षैतिज रेखा को x-अक्ष (x-axis) और ऊर्ध्वाधर रेखा को y-अक्ष (y-axis) कहते हैं।
- दोनों रेखाओं के प्रतिच्छेद बिंदु को मूल बिंदु (Origin – O) कहते हैं।
- x-अक्ष के अनुदिश समय (Time) तथा y-अक्ष के अनुदिश दूरी (Distance) दर्शाइए।
- ग्राफ़ पर दूरी तथा समय को निरूपित करने के लिए एक उचित पैमाना (Scale) चुनिए। (जैसे: 1 min = 1 cm और 1 km = 1 cm)।
चित्र: एकसमान गति को दर्शाता दूरी-समय ग्राफ़
निष्कर्ष: यदि दूरी-समय ग्राफ़ एक सरल रेखा (Straight Line) है, तो यह संकेत करता है कि वस्तु किसी नियत चाल (Uniform Speed) से गति कर रही है। यदि वस्तु की चाल लगातार परिवर्तित होती है (असमान गति), तो ग्राफ़ की आकृति सरल रेखा न होकर वक्र (Curved) हो सकती है।
📘 अभ्यास प्रश्न – Bihar Board Class 7 Science Chapter 9 Solutions
छात्रों, नीचे कक्षा 7 विज्ञान अध्याय 9 “गति एवं समय” (Motion and Time) के सभी NCERT / Bihar Board अभ्यास प्रश्नों के सटीक उत्तर और संख्यात्मक प्रश्नों (Numericals) के हल दिए गए हैं।
उत्तर:
- (क) दौड़ते समय आपके हाथों की गति — दोलन गति
- (ख) सीधी सड़क पर गाड़ी को खींचते घोड़े की गति — सरल रेखा के अनुदिश गति
- (ग) ‘मैरी गो राउंड’ झूले में बच्चे की गति — वर्तुल गति
- (घ) ‘सी-सॉ’ झूले पर बच्चे की गति — दोलन गति
- (च) विद्युत घंटी के हथौड़े की गति — दोलन गति
- (छ) सीधे पुल पर रेलगाड़ी की गति — सरल रेखा के अनुदिश गति
उत्तर:
(क) समय का मूल मात्रक सेकंड है। — (सत्य)
व्याख्या: समय को मापने की सबसे छोटी और मूल इकाई (SI Unit) सेकंड (s) ही है।
(ख) प्रत्येक वस्तु नियत चाल से गति करती है। — (असत्य)
व्याख्या: यह कथन सही नहीं है, क्योंकि अधिकांश वस्तुएँ अपनी गति के दौरान धीमी या तेज़ होती रहती हैं (असमान गति)।
(ग) दो शहरों के बीच की दूरियाँ किलोमीटर में मापी जाती हैं। — (सत्य)
व्याख्या: लंबी दूरियों को मापने के लिए किलोमीटर (km) एक सुविधाजनक और मानक मात्रक है।
(घ) किसी दिए गए लोलक का आवर्तकाल नियत नहीं होता। — (असत्य)
व्याख्या: यह कथन सही नहीं है। किसी भी निश्चित लंबाई वाले सरल लोलक का आवर्तकाल सदैव नियत (Constant) होता है। गैलीलियो ने यही खोज की थी।
(च) रेलगाड़ी की चाल m/h में व्यक्त की जाती है। — (असत्य)
व्याख्या: यह कथन भी गलत है। रेलगाड़ी जैसी तेज़ चलने वाली गाड़ियों की चाल किलोमीटर प्रति घंटा (km/h) में मापी जाती है, न कि मीटर प्रति घंटा (m/h) में।
निष्कर्ष: कथन (ख), (घ) और (च) सही नहीं हैं।
उत्तर:
दिया गया है:
दोलनों की कुल संख्या = 20
लिया गया कुल समय = 32 सेकंड (s)
सूत्र:
आवर्तकाल = लिया गया कुल समय ÷ दोलनों की कुल संख्या
आवर्तकाल = 32 / 20
आवर्तकाल = 1.6 सेकंड
अतः लोलक का आवर्तकाल 1.6 सेकंड है।
उत्तर:
दिया गया है:
तय की गई दूरी = 240 km
लिया गया समय = 4 घंटे (h)
सूत्र:
चाल = दूरी ÷ समय
चाल = 240 / 4
चाल = 60 km/h
अतः रेलगाड़ी की चाल 60 किलोमीटर प्रति घंटा है।
उत्तर:
कार द्वारा चली गई दूरी:
अंतिम पाठ्यांक – प्रारंभिक पाठ्यांक
= 57336.0 km – 57321.0 km
= 15.0 km
लिया गया समय:
08:50 AM – 08:30 AM = 20 मिनट (min)
(i) km/min में चाल:
चाल = दूरी ÷ समय
चाल = 15 km ÷ 20 min
चाल = 0.75 km/min
(ii) km/h में चाल:
समय (घंटे में) = 20 / 60 घंटे = 1/3 घंटे
चाल = दूरी ÷ समय
चाल = 15 km ÷ (1/3) h
चाल = 15 × 3 = 45 km/h
अतः कार की चाल 0.75 km/min या 45 km/h है।
उत्तर:
दिया गया है:
साइकिल की चाल = 2 m/s
लिया गया समय = 15 मिनट
(चूँकि चाल m/s में है, इसलिए समय को भी सेकंड में बदलना होगा)
समय = 15 × 60 सेकंड = 900 सेकंड (s)
सूत्र:
दूरी = चाल × समय
दूरी = 2 m/s × 900 s
दूरी = 1800 मीटर (m)
चूँकि 1000 मीटर = 1 किलोमीटर
दूरी (km में) = 1800 / 1000 = 1.8 km
अतः सलमा के घर से विद्यालय की दूरी 1.8 किलोमीटर है।
(क) नियत चाल से गति करती कार
(ख) सड़क के किनारे खड़ी कोई कार
उत्तर:
(क) नियत चाल से गति करती कार: इसका ग्राफ़ एक सीधी, तिरछी (inclined) सरल रेखा होगा, जो मूल बिंदु से शुरू होकर ऊपर की ओर जाएगी। (समय के साथ दूरी समान रूप से बढ़ रही है)
(ख) सड़क के किनारे खड़ी कोई कार: इसका ग्राफ़ समय-अक्ष (x-अक्ष) के समानांतर एक सीधी क्षैतिज रेखा (horizontal line) होगा। (समय बीत रहा है, लेकिन दूरी स्थिर है)
(क) चाल = दूरी × समय
✅ (ख) चाल = दूरी / समय
(ग) चाल = समय / दूरी
(घ) चाल = 1 / (दूरी × समय)
उत्तर की विस्तृत व्याख्या: एकांक समय में तय की गई दूरी को चाल कहते हैं। इसलिए चाल निकालने के लिए हमेशा कुल दूरी को कुल समय से भाग (Divide) दिया जाता है।
(क) km/min
(ख) m/min
(ग) km/h
✅ (घ) m/s
उत्तर की विस्तृत व्याख्या: अंतर्राष्ट्रीय मानक (SI Unit) के अनुसार, दूरी का मूल मात्रक मीटर (m) और समय का मूल मात्रक सेकंड (s) है। इसलिए चाल (दूरी/समय) का मूल मात्रक मीटर प्रति सेकंड (m/s) होता है।
(क) 100 km
✅ (ख) 25 km
(ग) 15 km
(घ) 10 km
उत्तर की विस्तृत व्याख्या:
पहली स्थिति में दूरी (D1): चाल = 40 km/h, समय = 15 मिनट = 15/60 घंटे = 1/4 घंटे।
D1 = 40 × (1/4) = 10 km
दूसरी स्थिति में दूरी (D2): चाल = 60 km/h, समय = 15 मिनट = 1/4 घंटे।
D2 = 60 × (1/4) = 15 km
कुल दूरी = D1 + D2 = 10 km + 15 km = 25 km. इसलिए विकल्प (ख) सही है।
उत्तर:
हल करने की विधि: सबसे पहले दोनों फोटोग्राफ (चित्र 9.1 और 9.2) में नीली कार (जो सबसे तेज़ चल रही है) की स्थिति को स्केल से मापते हैं। मान लीजिए कि स्केल द्वारा नापने पर यह दूरी (विस्थापन) 2 सेंटीमीटर (cm) आती है।
दूरी का पैमाना: 1 cm = 100 मीटर
इसलिए तय की गई वास्तविक दूरी = 2 cm × 100 = 200 मीटर।
लिया गया समय = 10 सेकंड (दिया गया है)।
तीव्रतम कार की चाल = दूरी ÷ समय = 200 मीटर ÷ 10 सेकंड = 20 m/s.
उत्तर: वाहन A अपेक्षाकृत तीव्र गति से चल रहा है।
व्याख्या: दूरी-समय ग्राफ़ में जिसकी रेखा का ढलान (Slope या ढाल) अधिक होता है, उसकी चाल भी अधिक होती है। ग्राफ़ में वाहन ‘A’ की रेखा वाहन ‘B’ की तुलना में y-अक्ष (दूरी) की तरफ अधिक झुकी (खड़ी) है, जिसका मतलब है कि वाहन A समान समय में वाहन B की तुलना में अधिक दूरी तय कर रहा है।
(i) सरल रेखा
(ii) x-अक्ष के समांतर क्षैतिज रेखा
✅ (iii) वक्र (Curved line)
(iv) सरल रेखा
उत्तर की विस्तृत व्याख्या: जब कोई वाहन नियत चाल (Uniform Speed) से चलता है, तो उसका दूरी-समय ग्राफ़ हमेशा एक सीधी सरल रेखा होता है। लेकिन जब वाहन की चाल बदलती रहती है (असमान गति), तो ग्राफ़ की रेखा टेढ़ी-मेढ़ी या वक्र (Curve) हो जाती है। इसलिए ग्राफ़ (iii) सही उत्तर है जो आसमान गति (नियत चाल नहीं) को दर्शाता है।
शिक्षकों को चाहिए कि वे विद्यालय के खेल के मैदान में छात्रों से 50 मीटर की दौड़ लगवाएं और स्टॉपवॉच से उनका समय नोट कराएं। इसके बाद छात्रों से कहें कि वे अपनी-अपनी ‘चाल’ (Speed) की गणना m/s में करें। इस प्रयोगात्मक गतिविधि (Practical Activity) से बच्चों के मन में ‘गति एवं समय’ के सूत्र हमेशा के लिए छप जाएँगे।
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छात्रों, इस अध्याय (गति एवं समय) के हस्तलिखित नोट्स (Handwritten Notes) और पीडीएफ डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:
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Suraj Kumar Mishra