Bihar Board Class 8 Civics Chapter 5 Solution Hindi: हाशियाकरण की समझ
नमस्ते विद्यार्थियों, आज हम bihar board class 8 civics chapter 5 solution hindi के इस विशेष ब्लॉग पोस्ट में ‘हाशियाकरण’ (Marginalization) जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे को विस्तार से समझेंगे। समाज में कुछ समूह ऐसे होते हैं जिन्हें मुख्यधारा से अलग कर दिया जाता है, उन्हें ही हाशियाई समूह कहा जाता है। इस लेख में हम आदिवासी, मुस्लिम और अन्य समुदायों के हाशियाकरण के कारणों और उनके प्रभावों का गहन विश्लेषण करेंगे।
हाशियाकरण क्या है? (Understanding Marginalization)
जब किसी व्यक्ति या समुदाय को समाज की मुख्यधारा से किनारे कर दिया जाता है, तो उसे ‘हाशियाकरण’ कहते हैं। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आपकी कॉपी का ‘हाशिया’ (Margin), जहाँ आप मुख्य बातें नहीं लिखते। हाशियाकरण के कई कारण हो सकते हैं, जैसे: अलग भाषा बोलना, अलग रीति-रिवाज मानना या आर्थिक रूप से कमजोर होना।
आदिवासी और हाशियाकरण
आदिवासी शब्द का अर्थ होता है – “मूल निवासी”। ये वे समुदाय हैं जो सदियों से जंगलों के साथ तालमेल बिठाकर रहते आए हैं। भारत की लगभग 8% आबादी आदिवासियों की है।
आदिवासियों के प्रति रूढ़िवादी धारणाएँ: समाज में अक्सर आदिवासियों को एक खास छवि में देखा जाता है – रंग-बिरंगे कपड़े पहने, सिर पर पंख लगाए और नाचते हुए। इस रूढ़िवादी धारणा के कारण उन्हें पिछड़ा और ‘आदिम’ मान लिया जाता है, जिससे उनका हाशियाकरण और गहरा हो जाता है।
विकास और विस्थापन का दर्द
आधुनिक भारत में औद्योगिक विकास के नाम पर आदिवासियों को उनकी जमीनों से विस्थापित किया गया है। उनकी जमीनें खनन, बाँध परियोजनाओं और उद्योगों के लिए छीन ली गई हैं। जब आदिवासी अपनी जमीन खोते हैं, तो वे न केवल अपनी जीविका खोते हैं, बल्कि अपनी संस्कृति और परंपराओं से भी हाथ धो बैठते हैं।
मुसलमान और हाशियाकरण
2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की कुल आबादी में मुसलमानों की संख्या 14.2% है। विभिन्न विकास संकेतकों (जैसे शिक्षा, बिजली, पक्का मकान) के मामले में यह समुदाय अन्य समुदायों की तुलना में पिछड़ गया है।
सच्चर समिति (2005): सरकार ने न्यायमूर्ति राजिंदर सच्चर की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी, जिसने निष्कर्ष निकाला कि मुस्लिम समुदाय की स्थिति अनुसूचित जाति और जनजाति (SC/ST) के समान ही चिंताजनक है। उनके घेटोआइजेशन (Ghettoization) के कारण वे अक्सर बाकी समाज से कट जाते हैं।
- भारत में लगभग 500 से ज्यादा विभिन्न प्रकार के आदिवासी समूह हैं।
- ओडिशा अकेले 60 से अधिक विभिन्न जनजातीय समूहों का घर है।
- आदिवासियों के धर्म अक्सर हिंदू, इस्लाम या ईसाई धर्म से अलग होते हैं, वे प्रकृति (पर्वत, नदी, पशु) की पूजा करते हैं।
- घेटोआइजेशन उस स्थिति को कहते हैं जब डर या सामाजिक दबाव में एक समुदाय के लोग एक ही इलाके में सिमट कर रह जाते हैं।
- संविधान के मौलिक अधिकार हाशियाई समुदायों को सुरक्षा और न्याय की गारंटी देते हैं।
- हाशियाकरण: मुख्यधारा से बाहर कर देना
- विस्थापित: अपने घर और जमीन से जबरन हटाए गए लोग
- घेटोआइजेशन: एक ही समुदाय का एक विशेष इलाके में सिमट जाना
- मुख्यधारा: वर्चस्वशाली समुदाय के रीति-रिवाज और समाज का केंद्र
- कुपोषित: जिसे पर्याप्त पोषण या भोजन न मिले
- पदानुक्रम: ऊँच-नीच की एक क्रमिक व्यवस्था
- संसाधन: वे वस्तुएं जिनका उपयोग लाभ के लिए किया जा सके
- साक्षरता: पढ़ने-लिखने की क्षमता
- अल्पसंख्यक: संख्या में कम रहने वाला समुदाय
- रूढ़िवादी: पुरानी और संकुचित सोच
NCERT अभ्यास के प्रश्न और उत्तर
उत्तर: हाशियाकरण का अर्थ है किसी व्यक्ति या समूह को समाज के केंद्र से हटाकर किनारे (हाशिये) पर धकेल देना। ऐसे लोग समाज की मुख्यधारा का हिस्सा नहीं माने जाते और अक्सर गरीबी, अशिक्षा और सामाजिक तिरस्कार का सामना करते हैं।
उत्तर: ‘आदिवासी’ शब्द का अर्थ है ‘मूल निवासी’। ये वे समुदाय हैं जो जंगलों के पास या जंगलों में रहते आए हैं। भारत में ये मुख्य रूप से ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पूर्वोत्तर राज्यों में पाए जाते हैं।
उत्तर: आदिवासियों के विस्थापन के दो मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. खनन और औद्योगिक परियोजनाएं: आदिवासियों की जमीन के नीचे भारी मात्रा में लोहा, कोयला और सोना पाया जाता है, जिसे निकालने के लिए उन्हें हटाया जा रहा है।
2. बाँध और वन्यजीव अभ्यारण्य: बड़ी नदियों पर बाँध बनाने और जंगलों को नेशनल पार्क घोषित करने के कारण भी आदिवासियों को उनके घरों से बेदखल होना पड़ा है।
उत्तर: समाज में आदिवासियों को अक्सर ‘पिछड़ा’ और ‘विदेशी’ माना जाता है। स्कूल की किताबों या फिल्मों में उन्हें हमेशा रंग-बिरंगी पोशाकें पहने और नाचते हुए दिखाया जाता है, जिससे लोगों को लगता है कि वे बदलना नहीं चाहते। यह रूढ़िवादी सोच उनके प्रति भेदभाव पैदा करती है।
उत्तर: मुसलमानों के हाशियाकरण के कई कारण हैं, जैसे आर्थिक पिछड़ापन, साक्षरता की कमी और बुनियादी सुविधाओं (बिजली, नल का पानी) तक सीमित पहुँच। इसके अलावा, उनके पहनावे (बुर्का, दाढ़ी) को लेकर समाज में फैली पूर्वाग्रह की भावना भी उन्हें मुख्यधारा से अलग करती है।
उत्तर: 2005 में बनी सच्चर समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि भारत के मुसलमान सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्तर पर बहुत पीछे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी स्थिति अनुसूचित जाति और जनजाति के लगभग बराबर खराब है।
उत्तर: अल्पसंख्यक समुदायों को बहुसंख्यक समुदाय के सांस्कृतिक वर्चस्व से बचाने के लिए संवैधानिक सुरक्षा जरूरी है। यह उन्हें भेदभाव और नुकसान से बचाती है ताकि वे अपनी विशिष्ट पहचान को बनाए रखते हुए देश के विकास में योगदान दे सकें।
उत्तर: हाँ, हम इस तर्क से पूर्णतः सहमत हैं। हाशियाकरण आर्थिक गरीबी से तो जुड़ा ही है, लेकिन यह सामाजिक पूर्वाग्रहों पर भी आधारित है। उदाहरण के लिए, एक अमीर आदिवासी या मुसलमान को भी केवल उसकी पहचान के कारण समाज में भेदभाव का सामना करना पड़ सकता है। अतः आत्मसम्मान और सम्मान की कमी भी हाशियाकरण का एक बड़ा हिस्सा है।
BSEBHub: Bihar Board & NCERT Solutions| Author: Suraj Mishra
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