Bihar Board Class 8 History Chapter 2 Question Answer | NCERT Solutions

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Bihar Board Class 8 History Chapter 2 Question Answer: यहाँ पाएँ ‘व्यापार से साम्राज्य तक’ के सभी प्रश्न उत्तर और सटीक NCERT Solutions।

🎓 Class: 8 | 📚 Subject: History (इतिहास) | 📝 Chapter: [2] व्यापार से साम्राज्य तक: कंपनी की सत्ता स्थापित होती है

Bihar Board Class 8 History Chapter 2 Question Answer: क्या आपने कभी सोचा है कि एक छोटी सी व्यापारिक कंपनी (Trading Company) कैसे एक विशाल देश की शासक बन गई? यह अध्याय केवल युद्धों का वर्णन नहीं करता, बल्कि यह बताता है कि कैसे आर्थिक स्वार्थ, कूटनीति और सैन्य शक्ति मिलकर औपनिवेशीकरण की प्रक्रिया को जन्म देते हैं।

🏫 कक्षा की एक झलक

इतिहास की कक्षा में शिक्षक ने छात्रों से पूछा, “अगर कोई कंपनी आज भारत का शासन चलाने लगे तो कैसा लगेगा?” सभी छात्र चौंक गए। शिक्षक ने मुस्कुराते हुए कहा, “ऐसा पहले हो चुका है। ईस्ट इंडिया कंपनी एक व्यापारिक संस्था थी, लेकिन उसने धीरे-धीरे भारत पर अपना शासन स्थापित कर लिया।”

एक छात्र ने पूछा, “सर, क्या केवल व्यापार से यह संभव था?” शिक्षक ने उत्तर दिया, “नहीं, इसके पीछे युद्ध, धोखा, संधि और राजनीतिक चालें थीं।”

🌍 Part 1: भारत में यूरोपीय कंपनियों का आगमन

1600 में इंग्लैंड की महारानी एलिज़ाबेथ प्रथम ने ईस्ट इंडिया कंपनी को पूर्वी देशों से व्यापार करने का अधिकार दिया। इसे चार्टर (Charter) कहा जाता है। इसके बाद पुर्तगाली, डच और फ्रांसीसी कंपनियाँ भी भारत पहुँचीं।

💡 क्या आप जानते हैं?

भारत के मसाले (Spices), रेशम (Silk) और सूती वस्त्र (Cotton Textiles) यूरोप में बहुत महंगे बिकते थे। इसलिए यूरोपीय कंपनियाँ भारत से व्यापार करने के लिए आकर्षित हुईं। इन कंपनियों ने भारत के तटों पर अपनी फैक्ट्रियाँ (Factories) स्थापित कीं।

⚔️ Part 2: प्लासी और बक्सर का युद्ध

1. प्लासी का युद्ध (Battle of Plassey) – 1757

यह युद्ध बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच हुआ। रॉबर्ट क्लाइव ने मीर जाफर को नवाब बनाने का लालच देकर धोखा दिलवाया। परिणामस्वरूप कंपनी विजयी हुई और बंगाल पर नियंत्रण स्थापित कर लिया।

2. बक्सर का युद्ध (Battle of Buxar) – 1764

यह युद्ध मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय, मीर कासिम और अवध के नवाब शुजाउद्दौला के खिलाफ कंपनी ने लड़ा। कंपनी की जीत के बाद 1765 में कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी (Diwani) प्राप्त हुई।

📖 कठिन शब्दावली (Vocabulary):
दीवानी: कर वसूलने का अधिकार।
नवाब: प्रांत का शासक।
चार्टर: आधिकारिक अनुमति पत्र।
औपनिवेशीकरण: दूसरे देश पर कब्जा करके शासन स्थापित करना।
📝 Part 3: अभ्यास प्रश्न-उत्तर (Textbook Solutions)

I. फिर से याद करें (Match & Fillups)

प्रश्न 1: निम्नलिखित के सही जोड़े बनाएँ।
दीवानी: भूराजस्व वसूल करने का अधिकार
शेर-ए-मैसूर: टीपू सुल्तान
रानी चेन्नम्मा: कित्तूर में अंग्रेज विरोधी आंदोलन का नेतृत्व किया
सिपाही: सिपोय (कंपनी का भारतीय सैनिक)
वॉरेन हेस्टिंग्स: भारत का पहला गवर्नर जनरल
प्रश्न 2: रिक्त स्थान भरें।
(क) बंगाल में अंग्रेजों की जीत प्लासी की लड़ाई से शुरू हुई थी।
(ख) हैदर अली और टीपू सुल्तान मैसूर के शासक थे।
(ग) डलहौजी ने विलय नीति (Doctrine of Lapse) लागू की थी।
(घ) मराठा रियासतें मुख्य रूप से भारत के दक्षिण-पश्चिमी भाग में स्थित थीं।
प्रश्न 3: सही या गलत बताएँ।
(क) मुगल साम्राज्य अठारहवीं सदी में मजबूत होता गया। — गलत
(ख) ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में व्यापार करने वाली एकमात्र यूरोपीय कंपनी थी। — गलत
(ग) महाराजा रणजीत सिंह पंजाब के शासक थे। — सही
(घ) अंग्रेजों ने अपने कब्जे वाले इलाकों में कोई प्रशासनिक बदलाव नहीं किए। — गलत

II. आइए विचार करें (Detailed Q&A)

प्रश्न 4: यूरोपीय व्यापारिक कंपनियाँ भारत की तरफ क्यों आकर्षित हो रही थीं?
उत्तर: यूरोपीय कंपनियाँ भारत के बारीक सूती कपड़ों, रेशम और मसालों (जैसे काली मिर्च, लौंग, इलायची और दालचीनी) की भारी मांग के कारण आकर्षित हो रही थीं। वे इन्हें कम कीमत पर खरीदकर यूरोप में ऊँचे दामों पर बेचकर भारी मुनाफा कमाना चाहती थीं।
प्रश्न 5: बंगाल के नवाबों और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच किन बातों पर विवाद थे?
उत्तर: मुख्य विवाद निम्नलिखित थे:
1. नवाबों ने कंपनी को रियायतें देने से मना कर दिया था।
2. कंपनी से व्यापारिक अधिकारों के बदले भारी नजराने मांगे गए।
3. कंपनी को सिक्के ढालने और किलेबंदी बढ़ाने से रोका गया।
4. कंपनी पर टैक्स न चुकाने और अपमानजनक चिट्ठियाँ लिखने का आरोप लगाया गया।
प्रश्न 6: दीवानी मिलने से ईस्ट इंडिया कंपनी को क्या लाभ हुआ?
उत्तर: दीवानी मिलने से कंपनी को बंगाल के विशाल राजस्व संसाधनों पर नियंत्रण मिल गया। अब उसे भारत से चीजें खरीदने के लिए ब्रिटेन से सोना-चांदी मँगाने की जरूरत नहीं रही। इस कमाई से कंपनी अपनी सेना का खर्च उठा सकती थी और किलों व दफ्तरों का निर्माण कर सकती थी।
प्रश्न 7: ईस्ट इंडिया कंपनी टीपू सुल्तान को खतरा क्यों मानती थी?
उत्तर: टीपू सुल्तान ने मालाबार तट पर होने वाले व्यापार को रोक दिया था और फ्रांसीसियों के साथ अपने संबंध मजबूत कर लिए थे। वह अंग्रेजों के प्रति आक्रामक थे और उन्होंने अंग्रेजों की ‘सहायक संधि’ को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था, जिससे अंग्रेजों को अपना वर्चस्व खतरे में लगा।

III. आइए करके देखें (Activity/Project)

प्रश्न: यदि आप उस समय के भारतीय शासक होते, तो बढ़ती हुई कंपनी की शक्ति को रोकने के लिए क्या कदम उठाते?
उत्तर (छात्रों के लिए): यदि मैं उस समय का शासक होता, तो मैं अन्य क्षेत्रीय रियासतों (मराठा, निजाम, सिख) के साथ मिलकर एक मजबूत संयुक्त मोर्चा बनाता। मैं अपनी सेना को आधुनिक यूरोपीय तकनीक से प्रशिक्षित करता और व्यापारिक रियायतें देने के बजाय स्वदेशी व्यापार को बढ़ावा देता ताकि आर्थिक रूप से कंपनी पर निर्भर न रहना पड़े।
🧠 Part 4: विशेष जानकारी: Special Tips
Special Trick

📜 मुख्य तिथियां याद करने का मंत्र

इन तीन सालों ने भारत का इतिहास बदल दिया। इन्हें “57-64-65” कोड से याद रखें:

  • ⚔️ 1757: प्लासी का युद्ध (धोखे से जीत)
  • ⚔️ 1764: बक्सर का युद्ध (ताकत की जीत)
  • 💰 1765: दीवानी अधिकार (खजाने पर कब्जा)

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🎯 निष्कर्ष (Conclusion)

व्यापार से साम्राज्य तक का यह सफर हमें सिखाता है कि जब घर के लोग (भारतीय शासक) आपस में लड़ते हैं, तो बाहरी शक्तियां उसका फायदा उठाती हैं। प्लासी और बक्सर के युद्धों ने अंग्रेजों को व्यापारी से राजा बना दिया।

BSEBHub: Bihar Board & NCERT Solutions| Author: Suraj Mishra

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