Bihar Board Class 7 Science Chapter 5 Solutions

🔔 लेटेस्ट नोट्स और PDF के लिए अभी जुड़ें:
🎓 Class: 7
📚 Subject: Science (विज्ञान)
📝 Chapter: 5
🔖 Topic: भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन (Physical and Chemical Changes)

भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन – Bihar Board Class 7 Science Chapter 5 Solutions

छात्रों, इस लेख में हम Bihar Board Class 7 Science Chapter 5 Solutions के अंतर्गत ‘भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन’ अध्याय का विस्तार से अध्ययन करेंगे। दैनिक जीवन में हमें अपने आस-पास बहुत से परिवर्तन दिखाई देते हैं, जिनमें एक या अधिक पदार्थ सम्मिलित हो सकते हैं।

उदाहरण के लिए: पानी में शक्कर घोलना, दूध से दही जमाना, दूध का खट्टा होना या खींचा हुआ रबड़ बैंड, ये सभी किसी न किसी परिवर्तन को प्रदर्शित करते हैं। व्यापक रूप से, ये परिवर्तन दो प्रकार के होते हैं: भौतिक (Physical) और रासायनिक (Chemical)

📘 5.1 भौतिक परिवर्तन (Physical Changes)

पदार्थ के आकार, आमाप (साइज़), रंग और अवस्था जैसे गुण उसके भौतिक गुण (Physical properties) कहलाते हैं।

वह परिवर्तन, जिसमें किसी पदार्थ के भौतिक गुणों में परिवर्तन हो जाता है, भौतिक परिवर्तन कहलाता है। भौतिक परिवर्तन सामान्यतः उत्क्रमणीय (Reversible) होता है, अर्थात् इसे वापस पुरानी अवस्था में लाया जा सकता है। ऐसे परिवर्तन में कोई नया पदार्थ नहीं बनता है

भौतिक परिवर्तन के उदाहरण:

  • कागज़ को टुकड़ों में काटना (आकार में परिवर्तन, लेकिन कागज़ का गुण नहीं बदलता)।
  • बर्फ का पिघलकर जल बनना और जल का फिर से बर्फ बनना (अवस्था में परिवर्तन)।
  • जल को उबालकर भाप बनाना।
  • आरी के ब्लेड को गर्म करने पर उसके रंग का लाल होना (गर्म करने पर रंग परिवर्तन)।
📖 5.2 रासायनिक परिवर्तन (Chemical Changes)

वह परिवर्तन, जिसमें एक अथवा अधिक नए पदार्थ बनते हैं, रासायनिक परिवर्तन कहलाता है। रासायनिक परिवर्तन को रासायनिक अभिक्रिया भी कहते हैं।

लोहे में जंग लगना (Rusting of Iron)

यदि आप लोहे के एक टुकड़े को कुछ दिनों के लिए खुले में छोड़ दें, तो इस पर भूरे रंग के पदार्थ की परत जम जाती है। यह पदार्थ जंग (Rust) कहलाता है और यह प्रक्रम ‘जंग लगना’ कहलाता है। जंग लोहा नहीं है, यह उस पदार्थ (लौह) से भिन्न होती है जिस पर यह लगती है।

मैग्नीशियम के फीते का जलना

मैग्नीशियम की पतली पट्टी (फीते) को मोमबत्ती की लौ के पास लाने पर यह चमकदार श्वेत (सफ़ेद) प्रकाश देती हुई जलने लगती है।

पूरी तरह जलने के बाद कुछ श्वेत भस्म (पाउडर) शेष रह जाती है, जो कि एक नया पदार्थ मैग्नीशियम ऑक्साइड ($MgO$) है।

मैग्नीशियम ($Mg$) + ऑक्सीजन ($O_2$) → मैग्नीशियम ऑक्साइड ($MgO$)

इस भस्म को जल में घोलने पर यह एक और नया पदार्थ मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड (जो कि एक क्षारक है) बनाती है।

रासायनिक परिवर्तन की अन्य विशेषताएँ:

नए उत्पादों (पदार्थों) के अतिरिक्त, रासायनिक परिवर्तन में निम्न घटनाएँ भी हो सकती हैं:

  • ऊष्मा, प्रकाश अथवा विकिरण का निर्मुक्त (निकलना) या अवशोषित होना।
  • ध्वनि का उत्पन्न होना (जैसे पटाखों का विस्फोट)।
  • गंध या रंग में परिवर्तन होना।
  • किसी गैस का बनना।

📘 कॉपर सल्फेट और लोहे की अभिक्रिया

जब कॉपर सल्फेट (नीला थोथा) के नीले विलयन में लोहे की कील अथवा उपयोग किया जा चुका ब्लेड डाला जाता है, तो एक रासायनिक अभिक्रिया होती है। लगभग आधे घंटे बाद विलयन का रंग नीले से हरा हो जाता है।

यह रंग परिवर्तन एक नए पदार्थ आयरन सल्फेट के बनने के कारण होता है। साथ ही, लोहे की कील या ब्लेड पर भूरे रंग की एक परत (निक्षेप) जम जाती है, जो कि ताँबा (कॉपर) है।

Bihar Board Class 7 Science Chapter 5 Solutions Copper Sulphate Iron Reaction

चित्र 5.4 : लोहे के साथ अभिक्रिया के कारण कॉपर सल्फेट विलयन के रंग में परिवर्तन (नीले से हरा)।

कॉपर सल्फेट (नीला) + लोहा (Fe) → आयरन सल्फेट (हरा) + कॉपर (भूरा निक्षेप)

📘 सिरका और खाने के सोडे की अभिक्रिया

जब सिरके (Vinegar) में चुटकी भर खाने का सोडा (Baking Soda) मिलाया जाता है, तो एक बुदबुदाहट की ध्वनि सुनाई देती है और कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) गैस के बुलबुले बाहर निकलते हैं।

सिरका (ऐसीटिक अम्ल) + खाने का सोडा (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) → कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) + अन्य पदार्थ

चूने के पानी का परीक्षण (Test for CO₂):

जब इस कार्बन डाइऑक्साइड गैस को ताजे बने चूने के पानी (Calcium hydroxide) में प्रवाहित किया जाता है, तो कैल्सियम कार्बोनेट (CaCO₃) बनता है, जिससे चूने का पानी दूधिया (Milky) हो जाता है। चूने के पानी का दूधिया हो जाना कार्बन डाइऑक्साइड का मानक परीक्षण है।

कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) + चूने का पानी [Ca(OH)₂] → कैल्सियम कार्बोनेट (CaCO₃) + जल (H₂O)

ओजोन परत (Ozone Layer) – एक सुरक्षात्मक आवरण:

वायुमंडल में ओजोन की परत सूर्य के प्रकाश में उपस्थित हानिकारक पराबैंगनी विकिरण (UV Rays) को अवशोषित कर लेती है और ऑक्सीजन में परिणत हो जाती है। ऑक्सीजन ओजोन से भिन्न होती है, अतः ओजोन का अपघटन एक रासायनिक परिवर्तन है। यदि यह परत न हो, तो पराबैंगनी विकिरण पृथ्वी पर पहुँचकर जीवों को भारी हानि पहुँचा सकता है।

अन्य उदाहरण: सेब, आलू या बैंगन को काटने के बाद यदि उसे खुला छोड़ दिया जाए, तो उसके कटे हुए टुकड़े भूरे रंग के हो जाते हैं। रंग का यह परिवर्तन भी एक रासायनिक परिवर्तन है।

📖 5.3 लोहे में जंग लगना (Rusting of Iron)

लोहे में जंग लगना एक ऐसा परिवर्तन है जो लोहे की वस्तुओं को धीरे-धीरे नष्ट कर देता है। चूँकि लोहे का उपयोग पुल, जहाज़, कार, ट्रक आदि का ढाँचा बनाने के लिए किया जाता है, अतः इससे भारी आर्थिक हानि होती है।

लोहा (Fe) + ऑक्सीजन (O₂, वायु से) + जल (H₂O) → जंग (आयरन ऑक्साइड, Fe₂O₃)

जंग लगने के लिए ऑक्सीजन और जल (अथवा जलवाष्प) दोनों की उपस्थिति अनिवार्य है। यदि वायु में नमी अधिक हो, तो जंग जल्दी लगती है।

जंग से बचाव के उपाय (Prevention of Rusting):

  • पेंट या ग्रीज़ लगाना: लोहे की वस्तुओं पर नियमित रूप से पेंट या ग्रीज़ की परत चढ़ाकर उन्हें ऑक्सीजन और जल के संपर्क में आने से रोका जा सकता है।
  • यशद्-लेपन (गैल्वेनाइजेशन / Galvanization): लोहे के ऊपर जस्ता (जिंक) या क्रोमियम जैसी किसी धातु की परत चढ़ाने का प्रक्रम यशद्-लेपन कहलाता है। हमारे घरों में पानी की आपूर्ति के लिए उपयोग होने वाले लोहे के पाइप यशद्-लेपित होते हैं।
  • स्टेनलेस स्टील: लोहे में कार्बन, क्रोमियम, निकैल तथा मैंगनीज जैसी धातुओं को मिलाकर स्टेनलेस स्टील बनाया जाता है, जिसमें जंग नहीं लगती है।
महत्वपूर्ण जानकारी

पानी के जहाज़ लोहे के बने होते हैं और उनका एक बड़ा भाग पानी में डूबा रहता है। समुद्र के पानी में मौजूद लवण (Salts) जंग लगने की दर को बढ़ा देते हैं। इसीलिए, पेंट करने के बावजूद जहाज़ों को जंग से काफी क्षति होती है।

दिल्ली में कुतुबमीनार के पास स्थित लौह स्तंभ को 1600 वर्ष पूर्व बनाया गया था, परंतु अपनी उन्नत धातु प्रौद्योगिकी के कारण आज तक इस पर जंग नहीं लगी है।

📖 5.4 क्रिस्टलीकरण (Crystallization)

साधारण नमक को समुद्र जल के वाष्पन द्वारा प्राप्त किया जाता है, लेकिन यह शुद्ध नहीं होता। किसी पदार्थ के शुद्ध और बड़े क्रिस्टल उनके विलयन से प्राप्त किए जा सकते हैं। यह प्रक्रिया क्रिस्टलीकरण (Crystallization) कहलाती है। ध्यान रहे कि यह एक भौतिक परिवर्तन का उदाहरण है, क्योंकि इसमें कोई नया पदार्थ नहीं बनता, केवल अवस्था बदलती है और अशुद्धियाँ दूर होती हैं।

Bihar Board Class 7 Science Chapter 5 Solutions Copper Sulphate Crystals

चित्र 5.6 : कॉपर सल्फेट के शुद्ध क्रिस्टल तैयार करना।

कॉपर सल्फेट के क्रिस्टल बनाना:

एक बीकर में जल लेकर उसमें तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की कुछ बूँदें मिलाई जाती हैं। जल के उबलने पर उसमें कॉपर सल्फेट का चूर्ण तब तक मिलाया जाता है जब तक कि और चूर्ण घुलना बंद न हो जाए। विलयन को छानकर बिना हिलाए ठंडा होने के लिए छोड़ दिया जाता है। कुछ समय बाद नीले रंग के कॉपर सल्फेट के शुद्ध क्रिस्टल प्राप्त हो जाते हैं।

📘 अभ्यास प्रश्न – Bihar Board Class 7 Science Chapter 5 Solutions

प्रश्न 1. निम्नलिखित प्रक्रमों के अंतर्गत होने वाले परिवर्तनों को भौतिक अथवा रासायनिक परिवर्तन के रूप में वर्गीकृत कीजिए।

उत्तर:

  • (क) प्रकाश संश्लेषण – रासायनिक परिवर्तन
  • (ख) जल में शक्कर को घोलना – भौतिक परिवर्तन
  • (ग) कोयले को जलाना – रासायनिक परिवर्तन
  • (घ) मोम को पिघलाना – भौतिक परिवर्तन
  • (च) ऐलुमिनियम के टुकड़े को पीटकर उसका पतला पत्र (फॉइल) बनाना – भौतिक परिवर्तन
  • (छ) भोजन का पाचन – रासायनिक परिवर्तन

प्रश्न 2. बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं अथवा असत्य। यदि कथन असत्य हो तो, अपनी अभ्यास पुस्तिका में उसे सही करके लिखिए।

(क) लकड़ी के लट्ठे को टुकड़ों में काटना एक रासायनिक परिवर्तन है।
उत्तर: (F) असत्य

व्याख्या: लकड़ी को काटने पर केवल उसके आकार (आमाप) में परिवर्तन होता है, कोई नया पदार्थ नहीं बनता। अतः यह एक भौतिक परिवर्तन है।

(ख) पत्तियों से खाद का बनना एक भौतिक परिवर्तन है।
उत्तर: (F) असत्य

व्याख्या: खाद एक नया पदार्थ है जो पत्तियों के अपघटन (सड़ने) से बनता है। इसलिए यह एक रासायनिक परिवर्तन है।

(ग) जस्ते (जिंक) लेपित लोहे के पाइपों में आसानी से जंग नहीं लगती है।
उत्तर: (T) सत्य

व्याख्या: जिंक की परत लोहे को वायु (ऑक्सीजन) और नमी के सीधे संपर्क में आने से रोकती है, जिससे जंग नहीं लगती (यशद्-लेपन)।

(घ) लोहा और जंग एक ही पदार्थ हैं।
उत्तर: (F) असत्य

व्याख्या: लोहा (Fe) एक धातु है, जबकि जंग लोहे का ऑक्साइड (Fe₂O₃) है जो ऑक्सीजन और जल की उपस्थिति में बनता है। ये दोनों भिन्न पदार्थ हैं।

(च) भाप का संघनन रासायनिक परिवर्तन नहीं है।
उत्तर: (T) सत्य

व्याख्या: भाप का संघनन (गैस से द्रव में बदलना) केवल अवस्था में परिवर्तन है। इसमें जल का रासायनिक गुण नहीं बदलता, अतः यह भौतिक परिवर्तन है।


प्रश्न 3. निम्नलिखित कथनों में रिक्त स्थानों को भरिए-
  • (क) जब कार्बन डाइऑक्साइड को चूने के पानी में प्रवाहित किया जाता है, तो यह कैल्सियम कार्बोनेट के बनने के कारण दूधिया हो जाता है।
  • (ख) खाने के सोडे का रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट है।
  • (ग) ऐसी दो विधियाँ, जिनके द्वारा लोहे को जंग लगने से बचाया जा सकता है पेंट या ग्रीज़ लगाना और यशद्-लेपन (गैल्वेनाइजेशन) हैं।
  • (घ) ऐसे परिवर्तन भौतिक परिवर्तन कहलाते हैं, जिनमें किसी पदार्थ के केवल भौतिक गुणों में परिवर्तन होता है।
  • (च) ऐसे परिवर्तन जिनमें नए पदार्थ बनते हैं, रासायनिक परिवर्तन कहलाते हैं।

प्रश्न 4. जब नींबू के रस में खाने का सोडा मिलाया जाता है, तो बुलबुले बनते हैं और गैस निकलती है। यह किस प्रकार का परिवर्तन है? समझाइए।

उत्तर: यह एक रासायनिक परिवर्तन है।
जब नींबू के रस (जिसमें साइट्रिक अम्ल होता है) में खाने का सोडा (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) मिलाया जाता है, तो दोनों के बीच रासायनिक अभिक्रिया होती है। इस अभिक्रिया के फलस्वरूप एक नया पदार्थ कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) गैस के रूप में बनता है, जो बुलबुलों के रूप में बाहर निकलता है। चूँकि इसमें नए पदार्थ का निर्माण होता है, इसलिए यह रासायनिक परिवर्तन है।


प्रश्न 5. जब कोई मोमबत्ती जलती है, तो भौतिक और रासायनिक परिवर्तन दोनों होते हैं। इन परिवर्तनों की पहचान कीजिए। ऐसे ही किसी ज्ञात प्रक्रम का एक और उदाहरण दीजिए, जिसमें भौतिक और रासायनिक परिवर्तन दोनों होते हैं।

उत्तर: जब मोमबत्ती जलती है, तो निम्नलिखित दोनों परिवर्तन होते हैं:

  • भौतिक परिवर्तन: मोमबत्ती के जलने पर गर्मी से मोम पिघलता है। पिघले हुए मोम का ठोस से द्रव में बदलना भौतिक परिवर्तन है, क्योंकि इसे ठंडा करके पुनः ठोस मोम प्राप्त किया जा सकता है।
  • रासायनिक परिवर्तन: पिघले हुए मोम का कुछ भाग वाष्प बनकर जलता है, जिससे ऊष्मा, प्रकाश और कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) जैसी नई गैसें बनती हैं। यह एक रासायनिक परिवर्तन है।

अन्य उदाहरण: भोजन का खाना (Eating Food)। भोजन को दाँतों से चबाकर छोटे टुकड़ों में तोड़ना एक भौतिक परिवर्तन है। जबकि, पेट के अंदर एंजाइमों और पाचक रसों द्वारा भोजन का पचना एक रासायनिक परिवर्तन है।


प्रश्न 6. आप यह कैसे दिखाएँगे कि दही का जमना एक रासायनिक परिवर्तन है।

उत्तर: दही का जमना एक रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि:

  1. दही एक नया पदार्थ है जिसके गुण (जैसे स्वाद में खट्टापन) दूध के गुणों (मीठापन) से बिल्कुल भिन्न होते हैं।
  2. यह एक अनुत्क्रमणीय (Irreversible) परिवर्तन है, अर्थात् हम जमे हुए दही से वापस दूध प्राप्त नहीं कर सकते।

प्रश्न 7. समझाइए कि लकड़ी के जलने और उसे छोटे टुकड़ों में काटने को दो भिन्न प्रकार के परिवर्तन क्यों माना जाता है।

उत्तर: लकड़ी का जलना और उसे काटना दो भिन्न प्रकार के परिवर्तन हैं क्योंकि:

  • लकड़ी को काटना: जब हम लकड़ी को छोटे टुकड़ों में काटते हैं, तो केवल उसके आकार में परिवर्तन होता है। लकड़ी का गुण नहीं बदलता और कोई नया पदार्थ नहीं बनता। अतः यह भौतिक परिवर्तन है।
  • लकड़ी का जलना: जब लकड़ी जलती है, तो वह राख (भस्म) और धुएँ (कार्बन डाइऑक्साइड आदि) में बदल जाती है। ये पूरी तरह से नए पदार्थ हैं। अतः यह रासायनिक परिवर्तन है।

प्रश्न 8. कॉपर सल्फेट के क्रिस्टल कैसे बनाते हैं, इसका वर्णन कीजिए।

उत्तर: कॉपर सल्फेट के शुद्ध क्रिस्टल ‘क्रिस्टलीकरण’ (Crystallization) विधि द्वारा बनाए जाते हैं। इसकी प्रक्रिया निम्न प्रकार है:

  1. एक बीकर में एक कप जल लीजिए और उसमें तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की कुछ बूँदें मिलाइए।
  2. जल को गर्म कीजिए। जब जल उबलना आरंभ कर दे, तो इसमें धीरे-धीरे कॉपर सल्फेट का चूर्ण (पाउडर) डालते हुए निरंतर मिलाते रहिए।
  3. कॉपर सल्फेट का चूर्ण तब तक मिलाते रहें, जब तक कि उसमें और चूर्ण का घुलना बंद न हो जाए (संतृप्त विलयन)।
  4. अब इस विलयन को फिल्टर पेपर की सहायता से छान लीजिए और इसे बिना हिलाए ठंडा होने के लिए छोड़ दीजिए।
  5. कुछ समय पश्चात्, बीकर की तली में नीले रंग के कॉपर सल्फेट के शुद्ध क्रिस्टल दिखाई देने लगेंगे।

प्रश्न 9. समझाइए कि लोहे के गेट को पेन्ट करने से उसका जंग लगने से बचाव किस कारण से होता है।

उत्तर: लोहे में जंग लगने के लिए ऑक्सीजन और जल (नमी) दोनों का एक साथ संपर्क में आना अनिवार्य है। जब हम लोहे के गेट पर पेन्ट कर देते हैं, तो पेन्ट की परत लोहे की सतह और वायुमंडल (ऑक्सीजन एवं नमी) के बीच एक सुरक्षात्मक आवरण (Barrier) का काम करती है। इससे लोहे का सीधा संपर्क हवा और नमी से टूट जाता है, जिसके कारण लोहे के गेट पर जंग नहीं लगती है।


प्रश्न 10. समझाइए कि रेगिस्तानी क्षेत्रों की अपेक्षा समुद्रतटीय क्षेत्रों में लोहे की वस्तुओं में जंग अधिक क्यों लगती है।

उत्तर: लोहे में जंग लगने के लिए ऑक्सीजन के साथ-साथ जलवाष्प (नमी) की भी आवश्यकता होती है।
समुद्रतटीय क्षेत्रों की वायु में आर्द्रता (नमी/Moisture) की मात्रा बहुत अधिक होती है और वहाँ के जल में लवण (Salts) भी पाए जाते हैं, जो जंग लगने की प्रक्रिया को बहुत तेज कर देते हैं। इसके विपरीत, रेगिस्तानी क्षेत्रों में वायु बहुत शुष्क (Dry) होती है और नमी न के बराबर होती है। यही कारण है कि रेगिस्तानी क्षेत्रों की अपेक्षा समुद्रतटीय क्षेत्रों में लोहे की वस्तुओं में जंग अधिक और जल्दी लगती है。


प्रश्न 11. हम रसोई में जिस गैस का उपयोग करते हैं, वह द्रवित पेट्रोलियम गैस (एल.पी.जी. या LPG) कहलाती है। सिलिंडर में LPG द्रव के रूप में होती है। सिलिंडर से बाहर आते ही यह गैस में परिवर्तित हो जाती है (परिवर्तन A); फिर यही गैस जलती है (परिवर्तन B)। निम्नलिखित कथन इन परिवर्तनों से संबंधित हैं। सही कथन का चयन कीजिए।
  • (क) प्रक्रम-A एक रासायनिक परिवर्तन है।
  • (ख) प्रक्रम-B एक रासायनिक परिवर्तन है।
  • (ग) प्रक्रम-A और प्रक्रम-B दोनों ही रासायनिक परिवर्तन हैं।
  • (घ) इनमें से कोई भी प्रक्रम रासायनिक परिवर्तन नहीं है।

उत्तर की विस्तृत व्याख्या: प्रक्रम A में एलपीजी केवल द्रव से गैस में बदल रही है (अवस्था परिवर्तन), अतः यह भौतिक परिवर्तन है। प्रक्रम B में गैस जल रही है, और जलना हमेशा एक रासायनिक परिवर्तन होता है क्योंकि इसमें ऊष्मा और नई गैसें बनती हैं। अतः केवल प्रक्रम B रासायनिक परिवर्तन है।


प्रश्न 12. अवायवीय जीवाणु जैविक अपशिष्ट पदार्थों को अपघटित कर जैव गैस (बायोगैस) बनाते हैं (परिवर्तन-A)। फिर जैव गैस ईंधन के रूप में जलाई जाती है (परिवर्तन-B)। निम्नलिखित कथन इन परिवर्तनों से संबंधित हैं। सही कथन चुनिए।
  • (क) प्रक्रम-A एक रासायनिक परिवर्तन है।
  • (ख) प्रक्रम-B एक रासायनिक परिवर्तन है।
  • (ग) प्रक्रम-A और प्रक्रम-B दोनों ही रासायनिक परिवर्तन हैं।
  • (घ) इनमें से कोई भी प्रक्रम रासायनिक परिवर्तन नहीं है।

उत्तर की विस्तृत व्याख्या: प्रक्रम A में अपशिष्ट पदार्थ सड़कर बायोगैस नामक एक नया पदार्थ बनाते हैं, इसलिए यह रासायनिक परिवर्तन है। प्रक्रम B में बायोगैस ईंधन के रूप में जल रही है, और किसी भी पदार्थ का जलना रासायनिक परिवर्तन होता है। अतः दोनों ही रासायनिक परिवर्तन हैं।

Teacher Tip

शिक्षकों के लिए सुझाव: छात्रों को भौतिक और रासायनिक परिवर्तन में अंतर स्पष्ट करने के लिए कागज़ के टुकड़े को फाड़ने और उसे जलाने का लाइव उदाहरण दें। साथ ही, स्पष्ट करें कि जब भी “नया पदार्थ” बने (जैसे राख, गैस, रंग परिवर्तन), वह हमेशा रासायनिक परिवर्तन होगा। क्रिस्टलीकरण को समझाने के लिए कक्षा में कॉपर सल्फेट के क्रिस्टल बनाने का प्रयोग (क्रियाकलाप 5.9) सावधानीपूर्वक अवश्य कराएँ।

📥 Bihar Board Class 7 Science Chapter 5 Solutions PDF Download

छात्रों, इस अध्याय (भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन) के हस्तलिखित नोट्स (Handwritten Notes) और पीडीएफ डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

📖 और पढ़ें: अन्य सभी विषय और अध्यायों के प्रश्न-उत्तर यहाँ देखें

BSEBHub: Bihar Board & NCERT Solutions| Author: Suraj Mishra

⚖️
Intellectual Property Rights

This content is intellectually owned by BSEBHub.in.
Concept & Created by: Suraj Kumar Mishra


COPYRIGHT ACT 1957: बिना अनुमति के इस पोस्ट का उपयोग चोरी माना जाएगा और आपके खिलाफ बिना चेतावनी के DMCA / Copyright Action की जाएगी।
🎓 Research & Solutions by
Suraj Kumar Mishra
"Simplifying Education for Bihar's Future Leaders."

Leave a Comment